हमारे दुर्गुण, निराशा, प्रलोभन, अशांति और कलह का मूल कारण अज्ञान और अविवेक है। सही विचारों के अभाव में व्यक्ति भ्रम और झूठे आकर्षणों के जाल में फंस जाता है। इसलिए जीवन में उन्नति के लिए विवेकपूर्ण सोच अपनाना जरूरी है। हमें उस मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए, जहां उत्साह, उल्लास, आनंद, प्रसन्नता और सफलता...