सहज ध्यान साधना: शरीर को स्थिर करने के पश्चात इन्द्रियों का बाहरी वस्तुओं से संपर्क तोड़ना ध्यान है। मन को नाशवान वस्तुओं व सांसारिक विषयों से हटा देना ध्यान है। मन को अपने मूल स्वभाव में ठहरने की आदत डालना ध्यान है। बुद्धि की निरपेक्षता अर्थात् तटस्थ भाव देना ध्यान है। चित्त पर जमा संस्कारों …