बृज खंडेलवाल मीडिया की दुनिया की आज सबसे बड़ी खबर यही है कि खबर अब खबर नहीं रही। वह एक उत्पाद बन गई है ; बिकती है, पैक होकर आती है, सजती-संवरती है, चमकती है, और फिर दर्शकों के सामने परोस दी जाती है। सच कहीं पीछे छूट जाता है। उसकी जगह ले लेते हैं प्रचार, सनसनी और कारोबार। कभी पत्रकारिता को लोकतंत्र...
